दिल को बचाने के 6 असरदार उपाय: हाई BP और कोलेस्ट्रॉल

हाई BP और कोलेस्ट्रॉल: “Silent Killers” से दिल को कैसे बचाएँ? (लक्षण, जांच और बचाव)


हाई BP (Hypertension) और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल ऐसी समस्याएँ हैं जो कई बार बिना लक्षण के शरीर को नुकसान करती रहती हैं। समय के साथ ये दिल की नसों में रुकावट, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी पर असर बढ़ा सकती हैं। इसलिए इनका सही समय पर पता चलना बहुत जरूरी है।

1) हाई BP क्या है और यह खतरनाक क्यों है?

BP लगातार ज्यादा रहने पर दिल को खून पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। धीरे-धीरे यह:

  • दिल की नसों पर असर
  • हार्ट की मांसपेशी मोटी होना
  • स्ट्रोक/किडनी damage का खतरा
    बढ़ा सकता है।

2) “लक्षण नहीं हैं” फिर भी सतर्क क्यों रहें?

बहुत लोगों को कोई लक्षण नहीं होते। फिर भी कुछ संकेत दिख सकते हैं:

  • सिर भारी, चक्कर
  • सांस फूलना, जल्दी थकान
  • बेचैनी, नींद बिगड़ना
  • धड़कन तेज लगना
    लेकिन याद रखें: लक्षण न हों तब भी BP नुकसान कर सकता है।

3) कोलेस्ट्रॉल कैसे समस्या बनता है?

खासकर LDL (bad cholesterol) बढ़ने पर नसों में धीरे-धीरे plaque जमा हो सकता है, जिससे:

  • सीने में दर्द (angina)
  • नसों में block
  • हार्ट अटैक का जोखिम
    बढ़ सकता है।

4) किन लोगों को नियमित जांच जरूर करनी चाहिए?

  • उम्र 30+ (खासकर परिवार में BP/diabetes/heart disease)
  • बैठे रहने वाली नौकरी, कम activity
  • पेट/कमर के आसपास वजन बढ़ना
  • धूम्रपान/तंबाकू/अल्कोहल (यदि उपयोग)
  • diabetes, thyroid, stress ज्यादा

5) बेसिक हार्ट चेकअप में क्या-क्या हो सकता है?

(डॉक्टर आपकी प्रोफाइल के अनुसार तय करेंगे)

  • BP monitoring
  • Lipid profile (cholesterol)
  • Blood sugar (fasting/HbA1c)
  • ECG (जरूरत पर)
  • Echo / TMT (risk के अनुसार)

6) दिल बचाने की सबसे असरदार 6 आदतें

  1. नमक कम (खासकर packed/processed foods)
  2. रोज 30 मिनट brisk walk (धीरे-धीरे शुरू करें)
  3. 7–8 घंटे नींद
  4. तनाव कम करने के लिए 10 मिनट breathing/meditation
  5. तली-भुनी चीजें/मीठा/जंक कम
  6. दवा शुरू हो जाए तो बीच में बंद न करें (doctor supervised)

7) कब तुरंत इमरजेंसी जाएँ?

  • सीने में दबाव/दर्द जो 10–15 मिनट से ज्यादा रहे
  • दर्द बाएं हाथ/जबड़े/पीठ तक जाए
  • पसीना, सांस फूलना, घबराहट
  • बेहोशी/बहुत चक्कर
    ➡️ ऐसे में देर न करें—इमरजेंसी जाएँ।

Disclaimer: यह सामान्य जानकारी है; किसी भी दवा/जांच/इलाज का निर्णय डॉक्टर की सलाह से ही लें

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